क्षणिकाएं...
(1) रक्त वाहिकाओं से मिलकर बनता रक्त परिसंचरण तंत्र, ठीक वैसे ही से जन- गण के "मत" से बनता सशक्त लोकतंत्र। वोट अगर एक "नाक" है तो जन हैं उसके आयाम, इनकी ही शक्तियों से पोषित होकर बनता देश महान।। -लोकतंत्र के संदर्भ में (2)उसने कहा - बहुत व्यस्त हो आजकल? मैंने मुस्कराकर कहा- अपने आप से ही फुर्सत नहीं मिलती... -एकांत में (3) नूर-ए-जन्नत फ़िर जवां हो गई हो जैसे, और फिज़ाओं में बहार छाने लगी है। -लोकसभा चुनाव में प्रचण्ड बहुमत के सन्दर्भ में